Chaitra Navratri Colours 2025 की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है और 6 अप्रैल को समाप्त होगी। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, और हर दिन एक खास रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ये रंग देवी के अलग-अलग स्वरूपों से जुड़े होते हैं और इनका विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि अगर भक्त इन रंगों के वस्त्र पहनकर देवी मां की पूजा करें, तो उन्हें विशेष आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
Chaitra Navratri Colours 2025 में हर दिन के शुभ रंग
1. पहला दिन (30 मार्च 2025) – पीला या सफेद
Chaitra Navratri Colours 2025 चैत्र नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, जो हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं। मां शैलपुत्री को पीला रंग प्रिय है, जो ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सफेद रंग भी शुभ होता है, जो शांति और पवित्रता का संकेत देता है।
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2. दूसरा दिन (31 मार्च 2025) – सफेद
Chaitra Navratri Colours 2025 दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। यह स्वरूप ज्ञान और तपस्या का प्रतीक है। इस दिन सफेद रंग पहनना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह शांति, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
3. तीसरा दिन (1 अप्रैल 2025) – लाल
तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है, जो शक्ति और साहस की देवी हैं। लाल रंग को समृद्धि, शक्ति और विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनने से मां की कृपा प्राप्त होती है।
4. चौथा दिन (2 अप्रैल 2025) – नीला या बैंगनी
चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है, जिनकी कृपा से भक्तों को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मां को नीला और बैंगनी रंग बहुत प्रिय है, जो मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है।
5. पांचवां दिन (3 अप्रैल 2025) – पीला या सफेद
इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कंदमाता करुणा और प्रेम की देवी हैं। इस दिन पीला या सफेद रंग पहनना शुभ होता है, जो ज्ञान, सौभाग्य और शांति का प्रतीक माना जाता है।
6. छठा दिन (4 अप्रैल 2025) – हरा
Chaitra Navratri Colours 2025 छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है, जो नवयुवतियों और विवाह योग्य कन्याओं के लिए विशेष रूप से पूजनीय हैं। हरा रंग जीवन, नई शुरुआत और उन्नति का प्रतीक होता है।
7. सातवां दिन (5 अप्रैल 2025) – ग्रे या कत्थई
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। यह स्वरूप दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली और भक्तों की रक्षा करने वाली देवी का है। ग्रे और कत्थई रंग इस दिन पहनना शुभ होता है, क्योंकि यह दृढ़ता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।
8. आठवां दिन (6 अप्रैल 2025) – सफेद या बैंगनी
अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। सफेद और बैंगनी रंग इस दिन पहनने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह रंग पवित्रता और शांति का प्रतीक है।
9. नवां दिन (6 अप्रैल 2025) – हरा
नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो भक्तों को सिद्धियां प्रदान करती हैं। इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है, क्योंकि यह रंग समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है।
नवरात्रि में रंगों का महत्व क्यों है?
Chaitra Navratri Colours 2025 हिंदू धर्म में रंगों का विशेष महत्व होता है। हर रंग का एक अलग ऊर्जा स्तर और आध्यात्मिक प्रभाव होता है। नवरात्रि के दौरान देवी के स्वरूप के अनुसार रंग पहनने से भक्तों की पूजा अधिक प्रभावशाली मानी जाती है।
- आध्यात्मिक ऊर्जा: अलग-अलग रंगों का अलग-अलग ऊर्जा स्तर होता है, जो मानसिक और शारीरिक प्रभाव डालता है।
- मां दुर्गा की कृपा: प्रत्येक दिन देवी के स्वरूप के अनुसार रंग पहनने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- सकारात्मकता: शुभ रंग पहनने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है।
- शुभ फल की प्राप्ति: भक्त अगर सही रंग के वस्त्र पहनकर व्रत और पूजा करें, तो उन्हें विशेष फल प्राप्त होता है।
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